राजनीति

LokSabha polls: राजनीति का वह रिकॉर्ड जब तक कोई नहीं तोड़ सका!

LokSabha polls: देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 का दौर चल रहा है।‌ वही लोकसभा चुनाव 7 चरणों में संपन्न होना है जिसके चलते आज लोकसभा चुनाव का छठा चरण दिल्ली में आयोजित किया गया है।आज हम लोकसभा चुनाव इतिहास में उसे रिकॉर्ड को जानेंगे जो आज तक कोई भी प्रधानमंत्री नहीं तोड़ सका है। ‌लोकसभा चुनाव के इस दौर में आज हम आपको एक ऐसा रिकॉर्ड बताने वाले हैं जो भारत के प्रधानमंत्री ने बनाया है और इसे अब तक कोई भी तोड़ नहीं सका है। 

LokSabha polls

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अटल बिहारी वाजपेई का यह रिकॉर्ड आज तक कोई प्रधानमंत्री नहीं तोड़ पाया 

देश की राजनीति में आज तक बड़े से बड़े रिकॉर्ड बने और टूटे हैं। ‌ यह समय लोकसभा चुनाव 2024 का चल रहा है जिसके चलते देशभर में विभिन्न पार्टियों के नेता जनता को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह की रैलियां करके जनता से वोट पाने के लिए कई तरह के वादे कर रहे हैं। ‌

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लोकसभा चुनाव 2024 में अपनी सीट पक्की करने और जनता का वोट पाने के लिए विभिन्न पार्टियों के नेता कई तरह के वादे करके जनता के बीच अपना वोट पक्का करने की जो में लगे हुए हैं। 

हालांकि आज हम लोकसभा चुनाव के इतिहास में एक अब तक के एक ऐसे रिकॉर्ड के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे खुद पूर्व प्रधानमंत्री ने बनाया था और आज तक किसी कोई तोड़ नहीं पाया है। ‌

अटल बिहारी के नाम है चुनाव में चार राज्यों से विजय पाने का रिकॉर्ड 

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जो आज तक कोई भी प्रधानमंत्री नहीं तोड़ पाया है। ‌भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने लोकसभा चुनाव के इतिहास में चार राज्यों से चुनाव लड़ने और चारों राज्यों से चुनाव में विजय पाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया हुआ है, तो वही इस रिकार्ड को आज तक कोई भी प्रधानमंत्री तोड़ नहीं पाया है। ‌

बता दे की पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने अपने लोकसभा कार्यकाल में जनता के दिल पर राज किया है और साथ-साथ वह राजनीति के शक्तिशाली प्रधानमंत्रियों में से एक भी रहे हैं जिन्हें विपक्ष दल द्वारा भी पसंद किया जाता था। ‌

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश आदि 4 राज्यों की लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ने और विजय पाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया हुआ है। वही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने भारत के 10वें प्रधानमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल में अपने महत्वपूर्ण छवि से भारत की राजनीति में बदलाव किया है। ‌

अटल बिहारी वाजपेई पहली बार साल 1996 में प्रधानमंत्री के तौर पर 13 दिनों के लिए कार्यरत रहे। वही दूसरी बार भी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई साल 1998 में प्रधानमंत्री पद पर रहे लेकिन वह सरकार भी सिर्फ 13 महीने ही चली। 

हालांकि अटल बिहारी वाजपेई साल 1999 से लेकर 2004 तक तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री रहे। ‌ यह अटल बिहारी वाजपेई की राजनीति का तीसरा सबसे बड़ा कार्यकाल रहा। ‌

निष्कर्ष

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई भारत के उन प्रधानमंत्री में से एक है जो अपने प्रभावशाली नेतृत्व और बेहतरीन राजनीति के लिए मशहूर रहे हैं। ‌ अटल बिहारी वाजपेई जनता के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय राजनेताओं में से एक रहे हैं।

रिपोर्टर IND TALK TEAM

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