New CM In 3 States: पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे तो 3 दिसंबर को ही आ गये थे पर अब इन राज्यों को अपने-अपने मुख्यमंत्री भी मिल चुके हैं। तो आइए आज बात करते हैं उन राज्यों की जहां भारतीय जनता पार्टी ने अतुलनीय जीत हासिल की है और मुख्यमंत्री के तौर पर नये चेहरे सामने रखे हैं।

भजनलाल शर्मा
सबसे पहले अगर राजस्थान की बात करें तो राजस्थान विधानसभा चुनाव में भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों से हराकर जीत का सहरा अपने नाम किया है। राज्य में 200 में से 115 सीट पर जीत कर भाजपा ने बहुमत हासिल किया और सरकार बनाई। भजनलाल शर्मा भरतपुर के रहने वाले हैं, पर उन्हें वहां से टिकट नहीं दिया गया था क्योंकि ऐसा माना जा रहा था कि उस सीट पर उनका जीतना काफी मुश्किल हो सकता था। इसी कारणवश वह जयपुर की सांगानेर विधानसभा सीट से चुनाव में खड़े हुए और जीत हासिल की।

55 साल के भजनलाल का जन्म भरतपुर के अटारी गांव में हुआ था। उन्होंने पॉलीटिकल साइंस से बीए किया है। वह 27 साल की उम्र में अटारी ग्राम के सरपंच और 2010 से 2015 तक अटारी पंचायत समिति के सदस्य रहे हैं। इसके बाद वह भरतपुर जिला मंत्री, जिला महामंत्री और तीन बार जिलाध्यक्ष भी बने और फिर उसके बाद उन्हें भाजपा का भरतपुर जिला मंत्री और जिला महामंत्री बनाया गया।वह राज्य में भाजपा के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले महामंत्रियों में से एक हैं। वो चार बार भारतीय जनता पार्टी के राज्य महासचिव भी रहे हैं।राजनीति में अपने शुरुआती दिनों में भजन लाल जी भाजपा के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी जुड़े रहे हैं।उन्हें राजस्थान में किसी भी पार्टी गतिविधि के लिए सबसे आगे रहने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता है।
भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने दिया था। इसके बाद सभी विधायकों ने उनका समर्थन भी किया था। और आज वो राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं। यह पहली बार था कि वह विधायक बने और पहली ही बार में वह मुख्यमंत्री भी बन गए। यह निसंदेह खुशी और गर्व की बात है।
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मोहन यादव
अब अगर बात करें मध्य प्रदेश की तो मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मोहन यादव ने 12941 वोटों से कांग्रेस पार्टी के इंजीनियर चेतन प्रेमनारायण यादव को हराकर जीत अपने नाम की है। राज्य के नए मुख्यमंत्री बने मोहन यादव जी को 95699 वोट मिले थे ओर उज्जैन से विधायक हैं।हालांकि मुख्यमंत्री के पद के लिए उनके नाम की घोषणा उज्जैनवासियों के लिए हैरानी वाली बात थी क्योंकि मुख्यमंत्री पद की रेस में उनका नाम कहीं नहीं था, लेकिन फिर अचानक विधायक दल की बैठक में उनके नाम की घोषणा कर दी गई।58 साल के मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को हुआ था। वह शिवराज सिंह चौहान की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1984 में की थी जब उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को ज्वाइन किया था। वह एक लम्बे समय से आरएसएस के भी सदस्य हैं। अब देखना होगा कि उनकी यह पारी कितनी दमदार होगी।
विष्णु देव साईं
वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के दिग्गज नेता विष्णु देव साईं वहां के चौथे मुख्यमंत्री बने हैं। डॉ. रमन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और बृजमोहन अग्रवाल ने विधायक दल की बैठक में इनके नाम का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को विधायक दल ने स्वीकार किया और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया।छत्तीसगढ़ में 90 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था जिसमें से भाजपा को 54 सीटों पर बहुमत की जीत हासिल हुई।59 साल के विष्णु देव साई का जन्म 12 फरवरी 1964 को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की तहसील कुनकुरी के गांव बगिया में हुआ था। और उन्होंने अपने राजनितिक करियर की शुरुआत भी कुनकुरी से ही की थी।विष्णु देव साई कुनकुरी से विधायक हैं और 1999 से 2014 तक वह रायगढ़ से 4 बार सांसद भी रह चुके हैं। और इसके अलावा नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में इन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। अब देखना होगा कि वो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में कैसा काम करके दिखाते हैं।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, यह वह तीन राज्य हैं जहां भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत से जीत हासिल की और अलग-अलग वर्ग से अपने मुख्यमंत्री चुने। बुधवार 13 दिसंबर को इन मुख्यमंत्रियों ने अपने पद की शपथ भी ले ली है।भारतीय जनता पार्टी की इन जीतो को देखकर यह अंदाजा लगाना शायद मुश्किल नहीं है कि 2024 का आम चुनाव भी भाजपा के नाम होने वाला है।

















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